संदेश

फ़रवरी, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कहानी

चित्र
#दिनांक:-28/2/2025 #सजल #शीर्षक:-कहानी ये कहानी हमारी, ससबर हो जाएगी , दुनियाँ किरदारों की,पूरक हो जाएगी ।।1। उपल पिघल जाएगा, कोशिश करते रहिए, बंजर जमीन हमारी , ससफर हो जाएगी ।।2। अंधेरी रात है,  जुगनू के साथ चलिए, रवि के इंतजार में, दुपहर हो जाएगी ।।3। जो नहीं डरते कभी, परीक्षा परीक्षण से, वही सभी मंजिल भी, ठठहर हो जाएगी ।।4। बढ़ाकर हाथ अपना,अब खींचने लगे सनम, मौजे-जिन्दगी हरी, बे-सर हो जाएगी ।।5। प्रेम के ये समुन्दर, काश खारे न होते, तो मौत भी जिन्दादिल, ललहर हो जाएगी ।।6। मीठे में थोड़ा तो, तंगी रखिए प्रतिभा, स्वाभिमान रिश्तों में, कमकर हो जाएगी ।।7। (स्वरचित, मौलिक और सर्वाधिकार सुरक्षित है) प्रतिभा पाण्डेय "प्रति" चेन्नई

शिवशक्ति

चित्र
#दिनांक:-25/2/2025 #शीर्षक:- शिवशक्ति भंग ऊपर पान का खाए निवाला , झटका देता हरेक घूट का प्याला । खाये छोटे-बड़े सभी शिव मतवाला , अनाथ के नाथ है विश्वनाथ रखवाला ।। सब सुनते कालभैरव,भोले भण्डारी,  काशी विराजते विश्वनाथ त्रिपुरारी | गले में सर्प, सिर पर गंगा विराजे रे  शाश्वत सदाशिव गौरी अर्ध अंगकारी || भस्म लगा लेकर चले भूतों की टोली, अडभंगी धतूरा खा हो गए मस्त मौली, खेलते रंग गुलाल और राख की होली, ब्याहन चले शम्भू लेकर  प्रेम की रोली । बोल बम-बम से गूँजे है आज बनारस, अविरल बहे गंग धार निरंतर प्रवाह रस । शिवशक्ति भक्ति की शक्ति है दिव्यमान  , पुराणों में काशी प्रयाग जल अमृत रस ।। काशीसुता 'प्रतिभा' बनारसी रंग-ढंग सी,  गंगाजल सी तरल, सरल मतवाली भंग सी , प्रेम तरुणाई, महासागर से भी गहराई-सी , बात इतनी सी, सीधी साधी वाराणसी-सी | (स्वरचित, मौलिक और सर्वाधिकार सुरक्षित है) प्रतिभा पाण्डेय "प्रति" चेन्नई